राजस्थानराज्य

राजस्थान में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बड़ा एक्शन, ITSSO प्रणाली पर 92.3% अनुपालन दर्ज

जयपुर
 मुख्यमंत्रीभजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्य सचिववी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन तथा बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के कार्यों और आपसी समन्वय की प्रगति की जानकारी ली।

यह बैठक नई दिल्ली में 2 नवंबर को प्रस्तावित संसदीय स्थायी समिति की बैठक की तैयारियों के संदर्भ में आयोजित की गई। इसमें संबंधित कानूनों के क्रियान्वयन, बाल संरक्षण के क्षेत्र में सामने आ रही चुनौतियों तथा राज्य में अपनाई जा रही प्रभावी कार्यप्रणालियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।

मुख्य सचिव ने जांच एवं अभियोजन की प्रक्रियाओं, विधि विज्ञान परीक्षण तथा न्यायालयों में प्रकरणों की प्रभावी पैरवी से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों से संबंधित मामलों में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की प्रगति भी जानी।

 श्रीनिवास ने विद्यालयों एवं समुदाय के स्तर पर बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों और बच्चों के विरुद्ध अपराधों की सूचना प्राप्त करने की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने जरूरतमंद बच्चों तक सहायता एवं संरक्षण सेवाएं पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली।

अतिरिक्त मुख्य सचिव गृहभास्कर ए. सावंत ने बताया कि वर्ष 2024 से 28 अक्टूबर 2026 तक आईटीएसएसओ प्रणाली पर अनुपालन 92.3 प्रतिशत रहा। उन्होंने पॉक्सो प्रकरणों की नियमित निगरानी, वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्य संकलन तथा संवेदनशील प्रकरणों की जांच करने वाले पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा बाल अधिकारिता विभागदिनेश कुमार ने मिशन वात्सल्य के अंतर्गत बच्चों की देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास की व्यवस्थाओं से अवगत कराया। उन्होंने संस्थागत देखभाल के साथ परिवार आधारित देखभाल, प्रायोजन सहायता और दत्तक ग्रहण के माध्यम से बच्चों के पुनर्वास संबंधी प्रयासों की जानकारी दी।

बैठक में पुलिस महानिदेशकराजीव कुमार शर्मा सहित विधि एवं विधिक कार्य, महिला एवं बाल विकास, श्रम, प्रारंभिक शिक्षा, अभियोजन तथा राजस्थान विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के सदस्य उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button