राजस्थानराज्य

सीमा पार से नशे के बाद अब हथियारों की तस्करी, रावला में RDX बरामदगी से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

श्रीगंगानगर
सीमा पार से आने वाले ड्रोन अब रावला के खेतों में सिर्फ नशे की खेप नहीं गिरा रहे। हेरोइन और अफीम के बाद अब हथियार और विस्फोटक मिलने से सीमा सुरक्षा के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। जनवरी से अक्टूबर तक सामने आई घटनाओं की कड़ियां जोड़ें तो रावला क्षेत्र ड्रोन तस्करी के संवेदनशील केंद्र के रूप में उभरता दिखाई देता है। ताजा मामले में करीब 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, एक रिमोट, पांच बैटरियां, दो कैपलर, तुर्की निर्मित दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस मिलने से जांच का दायरा नशा तस्करी से आगे बढ़कर संभावित आतंकी नेटवर्क तक पहुंच गया है।

सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, रावला के चक 12 केएनडी क्षेत्र में ड्रोन से गिराए गए तीन पैकेटों से विस्फोटक और हथियार बरामद हुए। मामले में पंजाब निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद सामग्री में आरडीएक्स भी शामिल है। राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ), बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के बाद अब खेप भेजने वालों, इसे लेने पहुंचे लोगों और इसके संभावित इस्तेमाल की पड़ताल की जा रही है।

विस्फोटक तक पहुंचा नेटवर्
रावला क्षेत्र में इस साल की शुरुआत से ही ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ पहुंचाए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। जनवरी में हेरोइन और ड्रोन बरामद होने, मार्च में करीब 10 किलोग्राम हेरोइन की खेप पकड़े जाने और सितंबर में हेरोइन व अफीम मिलने के बाद अक्टूबर में हथियारों और विस्फोटक की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

लगातार हो रही बरामदगियों से यह सवाल उठ रहा है कि क्या सीमा पार से खेप गिराने और उन्हें आगे पहुंचाने के लिए कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है? स्थानीय स्तर पर खेप लेने वालों, पंजाब तक फैले संपर्कों और सीमा पार बैठे संचालकों के बीच कड़ियां तलाशना जांच का अहम हिस्सा होगा।

खेप का अंतिम ठिकाना कहां?
अब एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि ड्रोन किस दिशा से आया, खेप कहां गिराई गई, उसे लेने वाले कौन थे और विस्फोटक व हथियार किसके पास पहुंचने थे। रावला में नशीले पदार्थों की बार-बार बरामदगी के बीच हथियारों और विस्फोटक की ताजा खेप ने सीमा पार तस्करी के संभावित बड़े नेटवर्क की पड़ताल को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

चुनाव से पहले साजिश की आशंका
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हथियारों और विस्फोटक की इतनी बड़ी खेप मिलने से इनके संभावित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या इस सामग्री को किसी बड़ी वारदात के लिए भेजा गया था? क्या इसके तार पंजाब में सक्रिय आपराधिक या आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे। चुनाव से पहले पंजाब में अशांति फैलाने की आशंका को जांच के संभावित पहलुओं में शामिल किया जा सकता है।

बटाला ग्रेनेड हमले से जुड़ी कड़ी
बटाला की अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी पर 1 अगस्त को हुए ग्रेनेड विस्फोट के मामले में पंजाब पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। रावला में गिरफ्तार युवकों में से एक के पंजाब में हुए ग्रेनेड हमले में शामिल होने का संदेह भी जताया गया है। हालांकि, गिरफ्तार युवक की पहचान और बटाला मामले में उसकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। यदि दोनों मामलों के बीच संबंध स्थापित होता है तो जांच का दायरा राजस्थान और पंजाब के बीच सक्रिय हथियार व विस्फोटक नेटवर्क तक फैल सकता है।

टाइमलाइन: ड्रोन से आई नशे और हथियारों की खेप
2 जनवरी – 15 केएनडी के पास: खेत में 4 किलो 88 ग्राम हेरोइन और एक ड्रोन मिला। बताया गया कि यह खेप दिसंबर के अंतिम दिनों में गिराई गई थी। लौटते समय ड्रोन खेत में गिर गया था। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

26-27 मार्च – चक 2 केएनडी क्षेत्र: ड्रोन से गिराई गई करीब 10 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। कार्रवाई में पंजाब के तीन तस्करों और दो स्थानीय मददगारों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

12-13 सितंबर – चक 14 केएनडी: खेत में 5 किलोग्राम हेरोइन और 508 ग्राम अफीम बरामद हुई।

12-14 अक्टूबर – चक 12 केएनडी: ड्रोन से गिराए गए पैकेटों से करीब 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, एक रिमोट, पांच बैटरियां, दो कैपलर, तुर्की निर्मित दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस बरामद हुए। मामले में पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।

अधिकारी का बयान
“ड्रोन के जरिए आया आरडीएक्स हाई क्वालिटी का एक्सप्लोसिव है। इसमें कीलें व अन्य नुकीली सामग्री मिली हुई पाई गई हैं। पंजाब में थानों और पुलिस चौकियों पर हमलों के लिए आरडीएक्स का इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड में हुआ है। रावला क्षेत्र में मिला आरडीएक्स अपग्रेड है। अब एक लेवल ऊपर जाकर आईईडी विस्फोट के लिए इसे तैयार किया गया है। पंजाब का पैटर्न देखते हुए सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसका इस्तेमाल कहां होना था। आरडीएक्स की मात्रा और इसकी क्वालिटी को देखकर लगता है कि जिन हाथों तक यह पहुंचना था, उनकी योजना बड़े पैमाने पर विध्वंस करने की रही होगी।”

— विकास कुमार, महानिरीक्षक, एएनटीएफ

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