अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन के चुनावों पर विवाद, हाई कोर्ट में मामला लंबित; घरेलू क्रिकेट सीजन पर संकट

नई दिल्ली
अरुणाचल प्रदेश के घरेलू क्रिकेट अभियान को एक और झटका लगा है। टीम ने नागालैंड के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का पहला मैच गंवा दिया है। ऐसा प्रशासनिक गतिरोध के कारण हुआ है, जिससे क्रिकेट एसोसिएशन के पास टीम चयन और अन्य कामकाज संभालने के लिए कोई काम करने वाली अथॉरिटी नहीं बची है। यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होना था, जो 2026-27 रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत के साथ ही हो रहा था। इससे पहले, इस हफ्ते की शुरुआत में भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी मैच के लिए अरुणाचल प्रदेश टीम नहीं उतार पाया था।
गुवाहाटी हाई कोर्ट पहुंच चुका है मामला
यह संकट अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन (एसीए) के सितंबर में हुए चुनावों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई से पैदा हुआ है, जिसमें नबम विवेक को अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद कई जिला एसोसिएशन ने चुनावों को चुनौती दी, जिसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया गया और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई। यह मामला गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच के सामने लंबित है, जिसने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट की कार्यवाही ने एसोसिएशन के कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे बीसीसीआई के लिए मामले के लंबित रहने के दौरान कोई वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए दखल देना मुश्किल हो गया है।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पहले बताया था कि कानूनी गतिरोध के कारण अरुणाचल प्रदेश की जूनियर घरेलू प्रतियोगिताओं में भागीदारी पहले ही बाधित हो चुकी है, क्योंकि राज्य की कोई काम करने वाली संस्था न होने से टीम चयन और तैयारी असंभव हो गई है।
उन्होंने बताया था, 'अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में दो गुट हैं, और गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच में उनके बीच कानूनी विवाद चल रहा है। हाई कोर्ट ने कुछ महीने पहले बोर्ड के कामकाज पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसी कारण उस बेंच के सामने मौजूद मामले के कारण, अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में कोई पदाधिकारी नहीं है। मामले की सुनवाई आखिरकार सितंबर के पहले हफ्ते में हुई थी, लेकिन बेंच की ओर से अभी फैसला आना बाकी है। वहां काफी समय से कोई बोर्ड नहीं है, इसलिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए टीम बनाने की कोई तैयारी नहीं हो पाई।'
जिला निकायों ने लगाए नियम के उल्लंघन के आरोप
रणजी ट्रॉफी मैच गंवाने से राज्य की सीनियर पुरुष टीम के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं और टीम के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है। अगर प्रशासनिक कामकाज में यह खालीपन बना रहता है, तो इस विवाद ने घरेलू सीजन के बाकी मैचों में अरुणाचल प्रदेश की भागीदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसोसिएशन के सितंबर के चुनाव तब विवादों में घिर गए जब छह जिला निकायों – लोअर सियांग, अपर सुबनसिरी, कामले, तवांग, वेस्ट सियांग और पापुम पारे – ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनकी चुनौती के कारण कोर्ट ने एसोसिएशन के कामकाज पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे प्रतिस्पर्धी गुट बिना किसी तय प्रशासनिक ढांचे के ही अपनी वैधता का दावा करने लगे।



